रिपोर्ट-रोहिताश मणि, मिलक
मिलक नगर के मोहल्ला नसीराबाद में स्थित बृहद गौशाला बदहाल अवस्था में है। पशुओं की न तो देखभाल की जा रही है और न ही उनको उपचार मिल रहा है। गौशाला में मौजूद पशु हरी घास की जगह सुखी घास खा रहे हैं। हैरान कर देने बाली बात तो यह कि वैधता से समाप्त सड़ा हुआ चोकर जिसमें लंबी लंबी सूड़ियाँ रेंग रही हैं पशुओं को खिलाया जा रहा है। जिससे उनकी सेहत और ज्यादा बिगड़ती चली जा रही है। शुक्रवार को विश्व हिंदू परिषद के जिलाध्यक्ष प्रिंस गुप्ता अपनी टीम के साथ अचानक गौशाला पहुंच गए। देखा तो मुख्य द्वार पर ताला लटका हुआ था। लोगों को देख पड़ोस में रहने बाला एक केयर टेकर आया और उसने ताला खोला। अंदर जाकर देखा तो कोई भी कर्मचारी गौशाला के अंदर मौजूद नहीं था। एक गाय जिसने गुरुवार को एक बछड़े को जन्म दिया था। दोनों भूख से तड़प रहे थे। इलाज के अभाव में तड़प रहे बछड़े को गाय बार बार उसकी देखभाल के लिए केयर टेकरों को निहार रही थी। पशुओं को खिलाने बाला चारा नादों से सफा चट था। दिखावे के लिए नमात्र का भूसा कोठरी में पड़ा था। हरी घास की जगह सुखी कुटी एक कमरे में पड़ी थी। पशुओं को दिए जाने बाला चोकर के कट्टे एक्सपायर थे जिनमे लंबी लंबी सूड़ियाँ रेंग रही थीं। प्रिंस गुप्ता ने बताया कि गौशाला में कार्यरत एक भी कर्मचारी मौजूद नहीं था। उपस्थिति पंजिका में कर्मचारियों की पिछले माह की उपस्थिति दर्ज थी। बताया कि गौशाला में पशुओं की इतनी ज्यादा दयनीय स्थिति है कि यदि पशुओं को गौशाला से बाहर छोड़ दिया जाए तो ज्यादा राहत महसूस कर सकेंगे। उन्होंने डीएम को फोन कर गौशाला को दयनीय स्थिति से अवगत कराया। डीएम ने गौशाला का निरीक्षण कर कार्रवाई का आश्वासन दिया है। मौके पर पहुंचे पशु डॉक्टर ने बछड़े को उपचार दिया तथा उसके लिए दूध का प्रबंध कराया। अधिशासी अधिकारी राजेन्द्र प्रसाद ने बताया कि गौशाला में कुल 11 कर्मचारी तैनात हैं। जिनमें पांच पशुओं की देखभाल करते हैं। एक चौकीदार रात्रि तथा दूसरा दिन में तैनात रहता है। तीन कर्मचारी पशुओं के लिए चारा ढोने का कार्य करते हैं। स्थानीय लोगों की शिकायत पर गौशाला परिसर की बेहतर तरीके से साफ सफाई करवा दी गयी है। दोषी कर्मचारियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी। वैधता से समाप्त चोकर के कट्टों को फिकवा दिया गया है। भूसा,हरी घास व नए चोकर के कट्टों की पर्याय मात्रा में उपलब्धता बनी हुई है। गौशाला की क्षमता 240 पशुओं की है लेकिन वर्तमान में 480 गौवंशीय पशु आश्रित हैं।
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