सरकारी तालाब को अवैध कब्जा मुक्त कराने के लिए पट्टाधारक ने डीएम को शिकायती पत्र भेजा है। क्षेत्र के पुरैनिया कला गांव निवासी पट्टाधारक भारत ने डीएम को भेजे पत्र में लिखा है कि गांव में सरकारी तालाब है। दस वर्ष के लिए तालाब का पट्टा उसके नाम है। वह प्रत्येक वर्ष तालाब में मछली का बच्चा डालता है। तालाब बीच गांव में होने के कारण गांव की गन्दगी तालाब में चली जाती है जिससे प्रार्थी को हर वर्ष काफी बड़ा नुकसान झेलना पड़ता है। गांव के कुछ लोग तालाब पर अवैध रूप से कब्जा करना चाहते हैं। वह किसी से तालाब में कूड़ा डालने को मना करता है तो उक्त लोग उसके साथ लड़ाई-झगड़ा करने पर आमादा हो जाते है। प्रत्येक बर्ष नुकसान होने के कारण वह तालाब का लगान चुकाने में असमर्थ है।पट्टाधारक ने मौके की जॉच कराकर तालाब में कूडा व गन्दगी डालने वालों एवं तालाब की जगह पर अवैध कब्जा करने बालों के खिलाफ कनूनी कार्रवाई की मांग की है।
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